गौरी हब्बा — महत्त्व
कर्नाटक का स्त्री-पर्व — गणेश चतुर्थी से एक दिन पूर्व मनाया जाता है। विवाहिता स्त्रियाँ वैवाहिक-कल्याण हेतु गौरी (पार्वती) की पूजा करती हैं। परम्परा कहती है कि गौरी एक दिन के लिए मायके आती हैं, अगले दिन उनके पुत्र गणेश अनुगमन करते हैं।
गौरी हब्बा — FAQ
- गौरी हब्बा क्या है?
- कर्नाटक का स्त्री-पर्व — गणेश चतुर्थी से एक दिन पूर्व मनाया जाता है। विवाहिता स्त्रियाँ वैवाहिक-कल्याण हेतु गौरी (पार्वती) की पूजा करती हैं। परम्परा कहती है कि गौरी एक दिन के लिए मायके आती हैं, अगले दिन उनके पुत्र गणेश अनुगमन करते हैं।
- गौरी हब्बा पर किस देवता की पूजा होती है?
- गौरी हब्बा गौरी (पार्वती) को समर्पित है।