आज का राहु काल
New Delhi के लिए राहु काल — Tuesday, June 2, 2026
साप्ताहिक राहु काल सूची
| दिन | भाग | अनुमानित समय |
|---|---|---|
| Sunday | 8 | 4:30 – 6:00 PM |
| Monday | 2 | 7:30 – 9:00 AM |
| Tuesday | 7 | 3:00 – 4:30 PM |
| Wednesday | 5 | 12:00 – 1:30 PM |
| Thursday | 6 | 1:30 – 3:00 PM |
| Friday | 4 | 10:30 – 12:00 PM |
| Saturday | 3 | 9:00 – 10:30 AM |
दिखाए गए समय औसत सूर्योदय पर आधारित अनुमानित हैं। वास्तविक समय शहर और ऋतु के अनुसार बदलता है।
राहु काल क्या है?
राहु काल (राहु कालम्), वैदिक ज्योतिष में प्रतिदिन आने वाला एक अशुभ काल खंड है। यह नवग्रहों में से एक छाया ग्रह राहु द्वारा शासित होता है। राहु चंद्रमा का उत्तरी पात है — मोह, छल और विघ्नों से जुड़ा हुआ।
गणना दिन के प्रकाश घंटों (सूर्योदय से सूर्यास्त तक) को आठ समान भागों में विभाजित करती है। राहु काल वार के अनुसार एक विशिष्ट भाग में आता है: सोमवार को दूसरा, शनिवार को तीसरा, शुक्रवार को चौथा, बुधवार को पाँचवाँ, गुरुवार को छठा, मंगलवार को सातवाँ, और रविवार को आठवाँ। इस कारण राहु काल प्रतिदिन भिन्न समय पर पड़ता है।
राहु काल नए कार्यों के आरंभ के लिए अशुभ माना जाता है, परंतु पहले से चल रहे कार्यों को प्रभावित नहीं करता। भोजन, विश्राम और दैनिक कर्म जैसी नियमित गतिविधियाँ निर्बाध रहती हैं। निषेध मुख्यतया नए आरंभ पर लागू होता है — व्यवसाय, यात्रा, अनुष्ठान, या महत्वपूर्ण दस्तावेज़ हस्ताक्षर।
राहु काल में टालने योग्य कार्य
- ✕नया व्यवसाय या योजना आरंभ करना
- ✕महत्वपूर्ण अनुबंध या समझौते पर हस्ताक्षर
- ✕यात्रा का आरंभ
- ✕विवाह, गृह प्रवेश जैसे शुभ अनुष्ठानों का आरंभ
- ✕संपत्ति, वाहन या मूल्यवान वस्तु का क्रय
- ✕नई शिक्षा या पाठ्यक्रम का आरंभ
- ✕महत्वपूर्ण आवेदन प्रस्तुत करना
राहु काल में अनिवार्य कार्य करने के उपाय
- ●राहु बीज मंत्र जप: "ॐ भ्रां भ्रीं भ्रौं सः राहवे नमः"
- ●दुर्गा मंदिर के दर्शन या दुर्गा चालीसा का पाठ
- ●काले तिल, सरसों का तेल या काले रंग की वस्तुओं का दान
- ●दक्षिण-पश्चिम दिशा में तिल के तेल का दीप प्रज्वलित करना
- ●राहु के दोषों से रक्षा हेतु हनुमान चालीसा का पाठ
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
राहु काल क्या है?
राहु काल (राहु कालम्) छाया ग्रह राहु द्वारा शासित एक अशुभ काल खंड है। यह प्रतिदिन लगभग डेढ़ घंटे तक रहता है। इस अवधि में नए कार्य का आरंभ, यात्रा या महत्वपूर्ण गतिविधियाँ हिंदू परंपरा अनुसार टाली जाती हैं।
क्या राहु काल में यात्रा शुरू कर सकते हैं?
परंपरा के अनुसार राहु काल में यात्रा का आरंभ नहीं किया जाता। यदि यात्रा अनिवार्य हो तो भक्तजन प्रस्थान से पहले गणेश स्तुति या राहु मंत्र का जप करते हैं। पहले से चल रही यात्रा प्रभावित नहीं होती।
क्या राहु काल प्रतिदिन समान होता है?
नहीं। प्रत्येक वार के लिए राहु काल का भाग-स्थान निश्चित है, परंतु वास्तविक समय प्रतिदिन बदलता है क्योंकि वे स्थानीय सूर्योदय और सूर्यास्त पर निर्भर करते हैं। बारह-घंटे का दिन आठ समान भागों में विभक्त है; वार के अनुसार राहु काल एक विशिष्ट भाग में आता है।