तिथि, नक्षत्र और त्योहार — गणितीय सटीकता से गणना
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आज का पंचांग

पूर्ण हिंदू पंचांग — New DelhiTuesday, 2 June 2026

|Tuesday, 2 June 2026
आज के पंचांग की गणना हो रही है…

पंचांग क्या है?

पंचांग हर हिंदू दिन को परिभाषित करने वाले पाँच मुख्य अंग हैं। पूजा, मुहूर्त और दैनिक कार्यों के लिए उपयोग किया जाता है।

ग्रेगोरियन कैलेंडर के विपरीत, पंचांग सूर्य और चंद्रमा की गतियों पर आधारित है।

वैदिक काल से प्रयोग में है। Bhakti5 सटीक खगोलीय गणना से इसे निकालता है — किसी बाहरी API पर निर्भर नहीं।

विवाह, गृह प्रवेश, नया व्यवसाय जैसे शुभ कार्यों से पहले पंचांग देखा जाता है।

पंचांग के पाँच अंग (पंचांग-अंग)

तिथि

सूर्य और चंद्रमा के कोणीय अंतर पर आधारित चान्द्र दिवस। चान्द्र मास में कुल ३० तिथियाँ — शुक्ल पक्ष में १५ (बढ़ता चंद्रमा) और कृष्ण पक्ष में १५ (घटता चंद्रमा)।

नक्षत्र

चंद्रमा जिस तारा-मंडल में स्थित होता है, वह नक्षत्र कहलाता है। कुल २७ नक्षत्र हैं; प्रत्येक १३°२०′ का। शुभाशुभ निर्णय एवं व्यक्तित्व निर्धारण में मुख्य।

योग

सूर्य और चंद्रमा के देशान्तरों (longitudes) के योग को २७ समान भागों में विभाजित करने से प्राप्त। विष्कम्भ से लेकर वैधृति तक — प्रत्येक योग दैनिक कार्यों पर अपना प्रभाव डालता है।

करण

तिथि का आधा भाग। कुल ११ करण — ४ स्थिर (शकुनि, चतुष्पाद, नाग, किंस्तुघ्न) और ७ चर (बव, बालव, कौलव, तैतिल, गर, वणिज, विष्टि)। विशेष कार्यों के लिए उपयुक्त।

वार

सप्ताह का दिन, जो किसी विशेष ग्रह द्वारा शासित होता है। प्रत्येक वार उसके अधिपति ग्रह की ऊर्जा वहन करता है — रविवार को सूर्य, सोमवार को चंद्र, इत्यादि।

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

आज का पंचांग क्या है?

आज के पंचांग में तिथि, नक्षत्र, योग, करण और वार होते हैं। ये पाँचों मिलकर दैनिक कार्यों की शुभता-अशुभता तय करने में सहायक होते हैं।

पंचांग की गणना कैसे होती है?

सूर्य और चंद्रमा की सटीक स्थितियों (दृक् गणित) से गणना की जाती है। लाहिरी अयनांश सुधार के साथ ग्रह स्थितियाँ निर्धारित होती हैं। Bhakti5 बिना किसी बाहरी API के मूल सिद्धांतों से सीधे गणना करता है।

पंचांग के पाँच अंग कौन से हैं?

तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण — ये पाँच मिलकर किसी भी दिन का संपूर्ण ज्योतिषीय चित्र देते हैं।

आज का पंचांग — तिथि, नक्षत्र, योग, करण