वट सावित्री: आगामी तिथियाँ · New Delhi
| तारीख़ | सप्ताह का दिन | विशेष नाम |
|---|---|---|
| 4 जून 2027अगली | शुक्रवार | — |
यह भाग अंग्रेज़ी में है।
वट सावित्री — महत्त्व
विवाहित महिलाएं अपने पति की लंबी उम्र के लिए वट वृक्ष (बरगद का पेड़) की पूजा करती हैं, सावित्री की किंवदंती का आह्वान करती हैं, जिन्होंने अपने पति सत्यवान को यम से वापस जीत लिया था। यह पूर्णिमांत ज्येष्ठ अमावस्या (= अमांत वैशाख अमावस्या) को मनाया जाता है। अधिकांश उत्तर और पूर्व भारतीय स्रोतों द्वारा ड्रिक परंपरा का उपयोग किया जाता है। महाराष्ट्रीयन संस्करण वट पूर्णिमा अलग से मनाई जाती है।
Vrat for husband's longevity — Savitri's vow.
वट सावित्री — FAQ
- वट सावित्री क्या है?
- विवाहित महिलाएं अपने पति की लंबी उम्र के लिए वट वृक्ष (बरगद का पेड़) की पूजा करती हैं, सावित्री की किंवदंती का आह्वान करती हैं, जिन्होंने अपने पति सत्यवान को यम से वापस जीत लिया था। यह पूर्णिमांत ज्येष्ठ अमावस्या (= अमांत वैशाख अमावस्या) को मनाया जाता है। अधिकांश उत्तर और पूर्व भारतीय स्रोतों द्वारा ड्रिक परंपरा का उपयोग किया जाता है। महाराष्ट्रीयन संस्करण वट पूर्णिमा अलग से मनाई जाती है।
- वट सावित्री 2027 में कब है?
- 2027 में वट सावित्री शुक्रवार, 4 जून 2027 को पड़ता है।
- वट सावित्री का क्या महत्त्व है?
- Vrat for husband's longevity — Savitri's vow.